

आकस्मिक और आपात स्थितियों में संभाग की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश
बीकानेर। संभागीय आयुक्त डॉ. रवि कुमार सुरपुर की अध्यक्षता तथा महानिरीक्षक पुलिस श्री ओम प्रकाश की उपस्थिति में संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभा कक्ष में बुधवार देर रात 10 बजे आकस्मिक और आपात स्थितियों में चिकित्सा व्यवस्था की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में संभाग के चारों जिलों के जिला कलेक्टर अथवा उनके प्रतिबंधित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं), सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य, समस्त क्लिनिकल विभागाध्यक्ष, पीबीएम एवं जिला चिकित्सालय, राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और पं. दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज, चूरू के प्राचार्य तथा चारों जिलों के सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संभागीय आयुक्त ने आपात और आकस्मिक स्थितियों में समुचित चिकित्सा व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में निर्देश दिए। डॉ. सुरपुर ने कहा कि प्रत्येक सब सेन्टर में गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों, वृद्धजनों आदि की जानकारी जुटाएं और डेटाबेस तैयार करें। आपात स्थिति में प्रत्येक पीएचसी व सीएचसी पर पीड़ितों का प्राथमिक उपचार तुरन्त प्रारंभ किया जाए। बिना प्राथमिक उपचार किसी भी पीड़ित को उच्चतर चिकित्सालय के लिए रैफर नहीं करें। पीएचसी और सीएचसी पर पदस्थापित चिकित्सक रात्रि में मुख्यालय नहीं छोड़ें। ब्लॉक सीएमएचओ को इसकी शत प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश ने बताया कि गर्भवती महिलाओं, विकलांगों तथा वृद्धों का क्षेत्रवार चिन्हीकरण पुलिस थानों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस थानों से संपर्क कर यह आंकड़े प्राप्त किये जा सकते हैं। इसी प्रकार फर्स्ट एड ट्रेनिंग के साथ सीपीआर का प्रशिक्षण भी पुलिसकर्मियों तथा होमगार्ड व सिविल डिफेन्स के स्वयंसेवकों को दिया जाए। इस प्रकार के प्रशिक्षण का वीडियो पुलिस विभाग को उपलब्ध करवाया जावे जिससे उसे प्रत्येक पुलिस थाने को भिजवाया जा सके। उन्होंने 112 आपातकालीन सेवा का उचित व न्यायोचित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समस्त चिकित्सा संस्थान, चिकित्सा संस्थानों के विभिन्न विभाग व पुलिस विभाग परस्पर समन्वय बनाये रखते हुए पूर्ण सजगता व सतर्कता से उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम कुशलता से उपयोग करें।
