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गोचर ओरण संरक्षण के लिए देह त्यागनी पड़ी तो मैं पीछे नहीं रहुंगा

गोचर ओरण संरक्षण के लिए देह त्यागनी पड़ी तो मैं पीछे नहीं रहुंगा
बीकानेर। गोचर व ओरण संरक्षण के लिए मैं प्रतिबद्ध हंू और यदि एक इंच जमीन भी बीडीए द्वारा अधिकरण की जाती है तो मैं देह त्याग दूंगा। यह उद्गार रविवार को राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज ने 2 दिसम्बर को गोचर ओरण भूमि संरक्षण के लिए रुद्राभिषेक, गोपाल गौयज्ञ के आयोजन की तैयारी बैठक के दौरान कही। रामझरोखा कैलाशधाम में आयोजित बैठक को सम्बोधित करते हुए महामंडलेश्वर श्री सरजूदासजी महाराज ने कहा कि विगत दो माह से वह बीकानेर से बाहर प्रवास पर थे और जब उन्हें ज्ञात हुआ कि बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा गोचर-ओरण भूमि को अधिकरण में लेने का प्रयास किया जा रहा है। यह सुनकर हृदय व्यथित है और मैं सरकार व प्रशासन को बताना चाहता हंू कि गोचर ओरण को नष्ट नहीं किया जाए, इसका संरक्षण बेहद जरुरी है। बैठक को सम्बोधित करते हुए शिव गहलोत ने गोचर बचाने के लिए अब तक किए गए संघर्ष के बारे में जानकारी दी। सूरजप्रकाश राव ने उन दानदाताओं का उल्लेख किया जिन्होंने भूमि गोचर के लिए छोड़ी है। मिलन गहलोत ने बताया कि बीकानेर में सर्वाधिक भूमि गोचर-ओरण के लिए छोड़ी गई है, इसीलिए बीकानेर धर्मनगरी के रूप में विख्यात है। बैठक को बंशीलाल तंवर, श्रीभगवान अग्रवाल, पं. गायत्रीप्रसाद शर्मा आदि वक्ताओं ने सम्बोधित किया।
2 दिसम्बर को होगा रुद्राभिषेक व गोपाल गौयज्ञ का आयोजन
शिव गहलोत ने बताया कि अखिल भारतीय गोवंश गोचर संरक्षक संस्थान बीकानेर एवं गोचर ओरण संरक्षक संघ राजस्थान के तत्वावधान में राजस्थान की गोचर ओरण भूमि संरक्षण के लिए रुद्राभिषेक, गोपाल गौयज्ञ का आयोजन 2 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने बताया कि संत-महात्माओं, गौभक्तों के साथ एवं पं. जुगलकिशोर ओझा पुजारी बाबा के सान्निध्य व पं. राजेन्द्र किराड़ू के आचार्यत्व में 151 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा जिला कलक्टर कार्यालय के समक्ष 2 दिसम्बर को सुबह 11रू30 से दोपहर 1रू30 बजे तक रुद्राभिषेक एवं दोपहर 2 से 5 बजे तक गोपाल गौयज्ञ व आरती का आयोजन किया जाएगा।

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