

चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न
ग्रीन ऑडिट द्वारा शैक्षणिक प्रयोगशाला का निर्माण
बीकानेर। राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर में बी.आई.आर.सी व आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वाधान में ग्रीन आडिट एवं ग्रीन कैम्पस विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला का समापन र् डॉ. आर के पुरोहित, मुख्य अतिथि वापी के उद्योगपति पी डी बोहरा, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. दिव्या जोशी, समन्वयक डॉ. हेमेन्द्र भंडारी एवं 40 विद्यार्थी अंबेस्डर की उपस्थिति में हुआ । समापन सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. आर.के. पुरोहित ने डूंगर कॉलेज को देश की शैक्षणिक प्रयोगशाला बताते हुए ग्रीन कैम्पस के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया, डूंगर कॉलेज में नैक के उपरान्त हुए विभिन्न कार्यों की महत्ता बताते हुए निर्माणाधीन मल्टीफैसिलिटी आडिटोरियम को ग्रीन कैम्पस की दिशा मे मील का पत्थर बताया। मुख्य अतिथि वापी के उद्योगपति श्री पी डी बोहरा आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. दिव्या जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डूंगर महाविद्यालय नवाचारों की उद्गम स्थली है और इसी से आज यह कॉलेज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुआ है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. नरेन्द्र भोजक ने ग्रीन कैम्पस के 20 आयामों पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि प्रत्येक आयाम जैसे – पौधारोपण, जीव रक्षा, कार्बन क्रेडिट, वेस्ट मैनेजमेन्ट, जल संरक्षण, वायु प्रदूषण, ई-वेस्ट, ऊर्जा विनियम, कम्पोष्ट फार्मिंग, जैसे प्रत्येक बिन्दु अपने आप में एक विषय है। इन्ही विषयों के मूलभुत सिद्धान्त, विषय वस्तु, तकनीकी एवं प्रायोगिक अध्ययन को यदि आडिट के नियम एवं गणनाओं में सूचीबद्ध किया जाये तो ग्रीन आडिटिंग की प्रक्रिया होती है।
