

प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन का गठन
बीकानेर। सरकार द्वारा प्राईवेट स्कूल्स के साथ लगातार किए जा रहे भेदभाव हटवाने एवं प्राईवेट स्कूल्स के हितों के लिए एकजुटता के साथ संघर्ष करने हेतु राजस्थान के गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं के राज्य स्तरीय 12 संगठनों ने स्वच्छ शिक्षा क्रांति मिशन के अंतर्गत एक साथ आकर संयुक्त फोरम प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन का गठन सर्वसम्मति से किया है। फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि इस फेडरेशन द्वारा प्राईवेट स्कूल्स की ज्वलंत समस्याओं का समाधान करवाने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर के होटल ग्रांड सफारी में 12 संगठनों के प्रतिनिधियों की हुई मैराथन मिटिंग में 10 प्रमुख मुद्दों पर विशद चर्चा – परिचर्चा कर उनमें से शुरूआत 5 मुद्दों से किए जाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। फेडरेशन के कोषाध्यक्ष हरभान सिंह कुंतल ने बताया कि इस अवसर पर 7 सदस्यीय बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, 7 सदस्यीय एडवाइजरी बोर्ड एवं 25 सदस्यीय प्रबन्धकारिणी के गठन सर्वसम्मति से किए गए। 7 सदस्यीय बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ के प्रदेश अध्यक्ष एल. सी भारतीय, जयपुर, राजस्थान प्राईवेट एज्यूकेशन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा, अजमेर, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र कर्णावट, राजसमंद, प्राईवेट स्कूल वेलफेअर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट संजय शर्मा, कोटा, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेश गुप्ता, कोटा, स्कूल वेलफेअर सोसाइटी (स्वराज) के प्रदेश महासचिव डॉ. मुकेश माण्डन, जोधपुर एवं नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल अलायंस – निसा के प्रदेश प्रभारी डॉ. दिलीप मोदी, झुंझुनू रहेंगे। गोपीदास रामावत, पाली, बाबूलाल जुनेजा, हनुमानगढ़, विलियम डिसूजा, उदयपुर, रेणुदीप गौड़, भरतपुर, विनेश शर्मा, नागौर, डॉ. रामवीर सिंह डागुर, भरतपुर एवं सुभाष स्वामी, बीकानेर एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य चुने गए हैं।
