

वैध वोटर आई डी के बाद भी नाम काटे जा रहे है वोटर लिस्ट से
बीकानेर। बीकानेर नगर में चल रहे मतदाता परिचय पत्र पुर्न री क्षकरण अभियान में माता की वैध वोटर आई.डी.के बावजूद उप खंड अधिकारी, सुपरवाइजर, बी.एल.ओ. आवेदन स्वीकार नहीं कर, नाम काटने, नोटिस देने के बाद मतदाता का नाम मतदाता सूची में पुनः जोड़ने की सलाह दे रहे है।
बीकानेर के वार्ड संख्या 43 के भाग संख्या 40 विश्वकर्मा गेट के बाहर, वाल्मीकि मोहल्ले में स्थित बी.एल.ओ. व सुपरवाइजर ने सुर्मिला पत्नी राकेश का भारत निर्वाचन आयोग की ओर से परिगणना प्रपत्र खारिज कर दिया। उन्होंने बताया सुर्मिला का नाम पिछली वोटर लिस्ट में इपिक आई.एक्स.क्यू 942268 क्रम संख्या 123 पर है तथा पति का नाम भी है। वर्तमान परिगणना में माता का इपिक जरूरी करने से मतदाता सुर्मिला ने अपनी माता की 2001 का इपिक कार्ड की प्रवृष्ठि की तथा मूल इपिक कार्ड सुपरवाइजर व बी.एल.ओ. को दिखाया। दोनों ने कहा कि कम्प्यूटर केवल 2002 की मतदाता सूची से मैच करता है, 2001 का नहीं इसलिए आपका नाम मतदाता सूची में हटाया जाएगा तथा नोटिस देने के बाद सही जवाब मिलने पर पुनः जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। श्रीमती सुर्मिला के माता-पिता, दादा-दादी का निधन हो गया तथा कोई भाई भी नहीं होने से 2002 की रामपुरा, बीकानेर की मतदाता सूची को ढूंढना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में मतदाता के परिजनों ने उप खंड अधिकारी सुरेंद्र बिजारणिया व सुपरवाइजर राम निवास, बी.एल.ओ. श्रीकांत व नरेंद्र से बात की लेकिन उन्होंने कोई विकल्प नहीं बताया। मतगणना पुनरीक्षण कार्य में इस तरह की समस्याओं से अनेक मतदाता परेशान हो रहे है, लेकिन प्रशासन स्तर पर कोई हल नहीं निकाला जा रहा है। जस्सू सर गेट के बाहर के कई वार्डों में मतदाताओं को दो परिगणना प्रपत्र दिए गए जिसमें एक अपने पास रखने तथा दूसरा भरकर देने का विकल्प था। लेकिन मुक्ता प्रसाद वाल्मीकि मोहल्ले में एक ही मतदाता परिगणना प्रपत्र दिया गया।
