

अनुशासन से व्यक्ति महान बनता है
बीकानेर। आचार्य श्री महाश्रमण जी के अज्ञानवर्ती उग्र विहारी तपो मूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी ने आज शांतिनिकेतन सेवा केंद्र में विशेष प्रवचन के दौरान श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए कहा की जीवन में अनुशासन का बहुत बड़ा महत्व है। अनुशासन से व्यक्ति महान बनता है । मुनि श्री श्रेयांश कुमार जी के आज 9 की तपस्या के अवसर पर बोलते हुए मुनिश्री ने कहा कि इस भयंकर सर्दी में तपस्या करना उच्च मनोबल का कार्य है। तपस्या कर्म निर्जरा का मुख्य हेतु है। आत्म शोधन प्रक्रिया में तप के द्वारा परिमार्जन होता है । संचित कर्म परमाणुओं का शोधन तप के द्वारा होता है । तप मुक्ति का पथ है। मुनि श्री के तप की अनुमोदना करते हुए जनता से अधिक से अधिक त्याग तपस्या करने का आह्वान किया।उन्होने तपस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अपने सामर्थ्य के अनुसार तपस्या अवश्य करनी चाहिए। मुनिश्री कमल कुमार जी के प्रेरणा से प्रतिदिन चार घरों में उपवास व प्रत्येक रविवार को नवकार मन्त्र के जाप का क्रम शुरू किया गया है।
