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लक्ष्मीनाथ मंदिर से शुरू होगी ‘बीकानेर हैरिटेज वाॅक’

लक्ष्मीनाथ मंदिर से शुरू होगी ‘बीकानेर हैरिटेज वाॅक’
बीकानेर की बहुरंगी संस्कृति होगी साकार
बीकानेर। तीन दिवसीय अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव की शुरूआत ‘बीकानेर हैरिटेज वाॅक’ के साथ होगी। जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के अनुसार इस बार कई नवाचार किए जाएंगे। नगर निगम आयुक्त श्री मयंक मनीष ने बताया कि हैरिटेज वाॅक की शुरूआत 10 जनवरी को प्रातः 8.30 बजे लक्ष्मीनाथ मंदिर से होगी। यहां नगाड़ा, मश्क, चंग और बांसुरी वादन एवं भजन गायन की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं देशी और विदेशी सैलानी मथेरण, बंधेज, पोट्री, सुनहरी कलम और साफा बांधने की कला से रूबरू हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान लोक कलाकार, रोबीले और सजे-धजे ऊंट भी साथ रहेंगे। भांडाशाह जैन मंदिर के पास हरियाणवी रागड़ी की प्रस्तुति दी जाएगी। हैरिटेज वाॅक का काफिला यहां से चूड़ी बाजार की ओर बढ़ेगा। यहां लाख की चूड़ी बनाने की कला को दर्शाया जाएगा। सब्जी बाजार की ऐतिहासिक चौकी पर शहर की ऐतिहासिक रम्मत का प्रदर्शन किया जाएगा। यहां भुजिया, घेवर और जलेबी बनाने का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा तथा वाॅक के प्रतिभागी इनके स्वाद का लुत्फ भी उठाएंगे। यहीं जूती बनाने की कला का प्रदर्शन भी किया जाएगा। मनीष ने बताया कि मरूनायक चौक में ब्लाॅक और स्क्रीन प्रिंटिंग का प्रदर्शन किया जाएगा। मोहता चौक के बड़े पाटे पर पारम्परिक भोजन बनाने का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं प्रतिभागियों को कचौड़ी खिलाई जाएगी। यहीं भपंग वादन का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोहता चौक में ही बीकानेर की प्रसिद्ध रबड़ी लाइव बनाई जाएगी। यहीं लोक कलाकारों द्वारा गणगौर के गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी और कठपुतली के खेल के माध्यम से विभिन्न संदेश दिए जाएंगे। वाॅक का समापन लगभग 11 बजे रामपुरिया हवेलियों के पास होगा। यहां उस्ता कला, हवेली संगीत और कच्छी घोड़ी का प्रदर्शन किया जाएगा।

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