

देहदानी स्व. सुरेशबाला शर्मा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित
बीकानेर। मानव जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य समाज एवं मानव कल्याण के लिए समर्पित होना है। मृत्यु शाश्वत सत्य है, लेकिन सेवा और त्याग के कार्य व्यक्ति को अमर बना देते हैं। यह विचार पं. रामेश्वर आनंद ने मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार भवन में आयोजित देहदानी स्वर्गीय सुरेशबाला शर्मा की स्मृति में आयोजित प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पं. आनंद ने कहा कि स्व. सुरेशबाला शर्मा द्वारा देहदान का संकल्प लेकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। उनका यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों को सेवा, त्याग और वैज्ञानिक चेतना की दिशा में प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि देहदान जैसे कार्य चिकित्सा शिक्षा और मानवता के कल्याण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित वक्ताओं ने स्व. शर्मा के सामाजिक सरोकारों, सेवाभाव और साहसिक निर्णय को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि देहदान केवल एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, बल्कि समाज को नई सोच देने वाला कदम होता है। कार्यक्रम में ताराचंद सारस्वत, अंशुमान सिंह भाटी, डॉ. एल.के. कपिल, डॉ. विक्रम कपिल, डॉ. दिलबाग राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
