

सुभाष चंद्र बोस-व्यक्तित्व अर कृतित्व संगोष्ठी आयोजित
बीकानेर। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से ‘वंदे मातरम् /150’ अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती के उपलक्ष्य में ‘सुभाषचंद्र बोस- व्यक्तित्व अर कृतित्व‘ विषयक संगोष्ठी का अकादमी सभागार में आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जीवन प्रबंधन प्रशिक्षक डॉ. गौरव बिस्सा ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का अभूतपूर्व योगदान रहा। उनके विचारों और शौर्य ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों भारतीयों को प्रेरित किया तथा उनका व्यक्तित्व व कृतित्व आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्पद है। उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, दिल्ली चलो व जय हिन्द‘ जैसे प्रेरणादायक नारों से भारतीयों के हृदय में जोश भर दिया। अकादमी सचिव शरद केवलिया ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि अगर संकल्प दृढ़ हो तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं है। कनिष्ठ लेखाकार अंजली टाक ने आभार व्यक्त किया व सूचना सहायक केशव जोशी ने कार्यक्रम संचालन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किये। इस अवसर पर श्रीनिवास थानवी, कानसिंह, मनोज मोदी, रोहित कुमार स्वामी सहित अनेक शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी उपस्थित थे।
