

म्हारी गणगौर उत्सव’ में गूंजे पारंपरिक गीत, महिलाओं ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां
बीकानेर। गणगौर के उपलक्ष्य में रमक झमक परिसर में आयोजित दो दिवसीय “म्हारी गणगौर उत्सव” के प्रथम दिन पारंपरिक गीतों की मधुर गूंज सुनाई दी। बालिकाओं एवं महिलाओं ने एकल एवं सामूहिक प्रस्तुतियां देते हुए लोकगीतों पर नृत्य कर उत्सव में चार चांद लगा दिए। उत्सव के दौरान “गवरजा होले-होले चलो ओ”, “थोरी पायलिया करे झणकार”, “झड़ा फड़ी रंग महल में रे”, “राज छोड़ गवरल ईसर तो दुपट्टो” तथा “कठे सूं आई सूंठ, कठे सूं आयो जीरो” जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को “गणगौर संस्कृति अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। गीत प्रस्तुत करने वालों में रेखा सोनी, इंदू, लक्ष्मी, उर्मिला, संतोष सोनी, शालिनी व्यास, सिमरन व्यास, मधु देवी, पवनी देवी, नंदनी व्यास, अरुणा सोनी, अंकिता, निधि, पूजा, शीतल, चंद्रकला सोनी, पिंकू, गायत्री देरासरी, रामप्यारी चूरा, बबीता शर्मा, शिवानी शर्मा, विजय लक्ष्मी पुरोहित, निवेदिता व्यास, अक्षिता जोशी, उमा जोशी, कृष्णा जोशी, रेणु पुरोहित, सीमा चूरा, लक्ष्मी भादानी, भंवरी देवी एवं प्रीति ओझा सहित कई महिलाएं शामिल रहीं। समारोह में अतिथि के रूप में आकांक्षा शर्मा, कोमल माली एवं रंजना बिस्सा उपस्थित रहीं।
