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दो दिवसीय पुस्तक-प्रदर्शनी रही ज्ञानवर्द्धक

दो दिवसीय पुस्तक-प्रदर्शनी रही ज्ञानवर्द्धक
बीकानेर। राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में अकादमी पुस्तकालय में आयोजित दो दिवसीय पुस्तक-प्रदर्शनी का गुरुवार को समापन हुआ। अकादमी सचिव शरद केवलिया ने बताया कि पुस्तक-प्रदर्शनी में गत 53 वर्षों से प्रकाशित हो रही अकादमी की मुखपत्रिका ‘जागती जोत‘ के सभी अंक रखे गये। इसके साथ ही अकादमी द्वारा प्रकाशित विविध विषयों की राजस्थानी पुस्तकें, अकादमी द्वारा दिये जाने वाले प्रकाशन-सहयोग के तहत प्रकाशित कुछ वर्षों की राजस्थानी पुस्तकें तथा पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकें भी प्रदर्शित की गईं। ’योजनाओं की ली जानकारी’- एक नवाचार के तहत प्रदर्शनी स्थल पर राज्य सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं, उपलब्धियों व बजट घोषणाओं जैसे महिला सशक्तीकरण, खेल, ऊर्जा, खाद्य, कृषि, सड़क, उद्योग, धरोहर संरक्षण, शिक्षा, आवास, जल, चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा आदि से संबधित जानकारी को फ्लैक्स के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसे प्रदर्शनी में आए युवाओं ने उपयोगी माना। गुरुवार को प्रदर्शनी का बड़ी संख्या में साहित्यकारों, विद्यार्थियों, आमजन ने अवलोकन किया। डॉ. नमामीशंकर आचार्य, महेश उपाध्याय ने कहा कि पुस्तक-प्रदर्शनी से विशेषकर बच्चे पुस्तकें पढ़ने के प्रति प्रेरित-प्रोत्साहित होंगे। संत साईंनाथ पब्लिक स्कूल, श्रीरामसर के विद्यार्थियों व अध्यापकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। शिक्षक प्रहलाद पुरोहित, भास्कर आचार्य, भावना आचार्य ने कहा कि पुस्तक-प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी। रेणुका पंवार, प्रभा टाक, विराज गिरि, कुसुम सेन, वरुण पंवार आदि विद्यार्थियों ने पुस्तक-प्रदर्शनी में रखी गई राजस्थानी बाल-साहित्य से संबंधित पुस्तकों को मनोरंजक बताया। विद्यार्थियों ने पुस्तकालय में बैठकर अपनी पसंदीदा पुस्तकों का अध्ययन भी किया।

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