

नरसी भक्त साहित्य की श्रेष्ठतम विभूति
बीकानेर। पूर्णानन्द महाराज की 60वीं पुण्यतिथि पर बंशीलाल राठी की बगीची, भीनासर स्थित समाधि स्थल पर धार्मिक आयोजनों की विधिवत शुरुआत शनिवार को बापजी की प्रतिमा का पूजन कर किया गया। इस दौरान सारड़ा परिवार की ओर से आयोजित यज्ञ में आहुति दी गई। शनिवार से नानीबाई रो मायरो (संगीतमय भक्त माल कथा) का आरंभ हुई। महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज, जोधपुर वाले ने वाचन करते हुए कहा कि नरसी मेहता गुजराती भक्त साहित्य की श्रेष्ठतम विभूति थे। आयोजनकर्ता गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि बापजी के जीवन वृत पर प्रकाश डालती आर्ट गैलरी का शुभारंभ किया गया। गैलरी का शुभारंभ श्यामसुंदर महाराज, कथा व्यास डॉ. रामप्रसाद महाराज ने किया।
