

विश्व मातृ दिवस पर राज्य स्तरीय उपवास 21 फरवरी को
बीकानेर। राजस्थानी युवा लेखक संघ एवं प्रज्ञालय संस्थान द्वारा 21 फरवरी, को विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर हर वर्ष की तरह राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता एवं प्रदेश की दूसरी राजभाषा बाबत के साथ नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक स्तर पर राजस्थानी भाषा शिक्षा का माध्यम बने। इन महत्वपूर्ण मांगों के समर्थन में हमेशा उक्त दिवस पर विभिन्न तरह के अहिंसात्मक आंदोलन के उपक्रम संस्थाओं द्वारा आयोजित होते रहे है। कमल रंगा ने बताया कि इस वर्ष भाषा मान्यता एवं शिक्षा के माध्यम के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय उपवास का आयोजन किया जाएगा। दशकों से केन्द्र सरकार के यहां लंबित राजस्थान विधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित राजस्थानी भाषा संवैधानिक मान्यता के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार शीघ्र निर्णय लें, क्योंकि राजस्थानी भाषा संवैधानिक मान्यता के लिए सभी विधिक प्रावधान एवं भाषा वैज्ञानिक मानदंड पूर्ण किए हुए हैं।
