

महापड़ाव पर साधु-सन्तों सहित सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों का अनशन जारी
बीकानेर। खेजड़ी जैसे पवित्र और जीवनदायिनी वृक्ष को बचाने के लिए भगवाधारी संतों के नेतृत्व में महिलाओं सहित करीब 500 लोग अन्न-जल त्याग कर कलेक्ट्रेट परिसर में डटे हुए हैं। धरने पर बैठे पर्यावरण प्रेमी सहीराम पूनिया मिठड़िया ने कहा कि सरकार की शायद आँखें खुल गई होगी या थोड़ा और जोर लगायें, सरकार की आँखें बाहर निकलने के साथ कुछ और बाहर ना निकल जाये,तीन दिन से सरकार की जो गत बिगड़ी है,अगर समय रहते सरकार हमारी बात सुनती तो आज ये दिन देखना नहीं पड़ता, पूनिया ने कहा कि सरकार को हमारी गम्भीर चेतावनी है कि आन्दोलन को हल्के में ना लें। धरने पर शिवदान मेघवाल, शान्तिलाल सेठिया, आनन्द बाण बिशनोई मुम्बई, हरिराम खीचड़, हजारी देवड़ा पूर्व पार्षद,विवेक मितल,मोखराम धायल,सिंवरी चौधरी,लक्ष्मी गुप्ता, शशिकला राठौड़, गोपीचन्द धायल, ताहिर खान, रामप्रताप वर्मा आदि उपस्थित थे। यह कोई आंदोलन नहीं, बल्कि प्रकृति की अस्मिता और भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व की लड़ाई है।
