

मुनि कमल कुमार को दी विदाई
बीकानेर। बीकानेर में धर्म, अध्यात्म और तपस्या की गंगा बहाने के पश्चात, मुनि कमल कुमार स्वामी का गुरू दर्शन हेतु लाड़नू की ओर विहार हो गया है। इस अवसर पर आयोजित त्रि दिवसीय मंगलभावना समारोह के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। समाज के विभिन्न संगठनों और गणमान्य जनों ने मुनिश्री के प्रवास काल के दौरान हुए ऐतिहासिक कार्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि मुनिश्री का सान्निध्य त्याग और आत्मसंयम का अमूल्य संदेश प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ष्मुनिश्री ने सिखाया कि साधना केवल वाणी तक सीमित नहीं, बल्कि उसे आचरण में उतारना चाहिए। अल्प समय में आपने हमारे हृदयों में जो संस्कार रोपे हैं, वे सदैव हमारा मार्गदर्शन करेंगे। मुनिश्री की प्रेरणा से 48 लोगों ने वर्षीतप, 12 जनों ने मासखमण और 115 से अधिक श्रावकों ने 8 या अधिक दिवस की तपस्या की।
