

भविष्य पुराण कथा शुरू
बीकानेर। जस्सूसर गेट के बाहर कोठारी अस्पताल मार्ग पर स्थित माहेश्वरी सदन में रविवार को सात दिवसीय भविष्य पुराण कथा शुरू हुई। संगीतमय कथा नियमित दोपहर डेढ़ बजे से शाम करीब साढ़े छह बजे तक नियमित 17 जनवरी तक चलेगी। कथा के प्रथम दिन ’’भविष्य पुराण ग्रंथ’’ व पंडित पुरुषोतम व्यास ’’मीमांसक’’ का व्यास पीठ पर पूजन समाज सेवी बजरंग व शांति चांडक, राजेन्द्र चांडक आदि ने करवाया। पंडित पुरुषोतम व्यास ’’मीमांसक’’ ने कहा कि सनातन धर्म व संस्कृति के 18 पुराणों में भविष्य पुराण महत्पूर्ण सात्विक पुराणा है। इसमें धर्म, सदाचार, नीति, उपदेश, अनेको आख्यान, व्रत, तीर्थ, दान, ज्योतिष एवं आयुर्वेंद शास्त्र का अद्भूत संग्रह है। वेताल-विक्रम संवाद के रूप में कथा प्रबंध इसमें अत्यन्त रमणीय है। इसमें नित्य कर्म संस्कार, सामुद्रिक लक्षण, शांति तथा पौष्टिक कम, आराधना और अनेक व्रतों का विस्तृत वर्णन है। यह पुराण भारतवर्ष के वर्तमान समस्त आधुनिक इतिहास का आधार है। भविष्य पुराण में भविष्य में होने वाली घटनाओं का वर्णन है। पंडित पुरुषोतम व्यास ’’मीमांसक’’ ने बताया कि इसमें लगभग 26307 श्लोक है । इसकी सामग्री मनोहर व पापों को हरण करने वाली है। इसको सुनने से रोग, दोष, शोक व पापों का क्षय होता है । गर्भाधान से लेकर अन्य 16 संस्कारों की जीवन में उसकी महता के साथ भविष्य में होने वाली घटनाओं का भविष्य पुराण में सुन्दर विवेचन है।
