

आखर दीठ सूं सावळ समझ/फेर कर दीठ सवाई
बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान एवं राजस्थानी युवा लेखक संघ द्वारा डॉ. टैस्सीटोरी को समर्पित दो दिवसीय ओळू समारोह के तहत काव्य रंगत-शब्द संगत का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए कवि-कथाकार कमल रंगा ने अपनी नव राजस्थानी कविताओं को राजस्थानी की मठोठ के साथ अक्षर की सत्ता को रेखांकित करते हुए-आखर दीठ सूं सावळ समझ/फेर कर दीठ सवाई… और प्रेम-प्रीत पर केन्द्रित कवितावां- नीं ठा नी याद थनैं/बरसा पैली… प्रस्तुत की। इस मौके पर कवि प्रमोद शर्मा, कवि डॉ. नृसिंह बिन्नाणी, कवि गिरिराज पारीक कवि शकूर बीकाणवी मदन गोपाल व्यास आदि ने अपनी प्रस्तुति दी। इस मौके पर भवानी सिंह राठौड़, पुनीत कुमार रंगा, हरिनारायण आचार्य, कार्तिक मोदी, तोलाराम सहारण, कन्हैयालाल, भैरूरतन रंगा, लालजी व्यास, शिव पंवार, अशोक शर्मा, नवनीत व्यास आदि उपस्थित थे।
