

सिक्योरिटी सिनर्जी सेमिनार आयोजित
जयपुर/बीकानेर। बहुप्रतीक्षित “सिक्योरिटी सिनर्जी सेमिनार”, जिसका विषय ‘व्होल ऑफ़ नेशन एप्रोच टू काउंटर फ्यूचर कन्फ्लिक्ट्स’ है, जयपुर मिलिट्री स्टेशन में सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में तथा सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज(ब्स्।ॅै), नई दिल्ली के सहयोग से शुरू हुआ। लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, साउथ वेस्टर्न कमांड द्वारा अवधारित यह दो-दिवसीय सेमिनार सशस्त्र बलों, सी ए पी एफ़, सिविल प्रशासन, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एकीकृत राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचा विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आर्मी कमांडर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक वातावरण अत्यधिक अस्थिर है, जहाँ अनिश्चितता और बदलते शक्ति समीकरण नई चुनौतियाँ पैदा कर रहे हैं। उन्होंने रूसदृयूक्रेन और इज़राइलदृहमास युद्धों का उदाहरण देते हुए बताया कि आज के युद्ध केवल सैन्य मोर्चों तक सीमित नहीं रह गए हैं; आर्थिक क्षमता, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, सूचना तथा साइबर स्पेस भी समान रूप से लक्ष्य बनाए जाते हैं। इसी कारण, साइबर, स्पेस, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे मल्टी-डोमेन युद्ध के लिए राष्ट्रीय शक्ति के सभी तत्व – डिप्लोमेटिक , इन्फॉर्मेशनल , मिलिट्री और इकनोमिक (क्प्डम्) – का तकनीक आधारित, निर्बाध समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
सेमिनार में वरिष्ठ सैन्य रणनीतिकारों, वेटरन्स, कूटनीतिज्ञों, नौकरशाहों, उद्योग विशेषज्ञों, नवाचार क्षेत्र, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ हितधारकों, प्रमुख मीडिया संस्थानों और जयपुर की विभिन्न विश्वविद्यालयों के 130 छात्रों ने भाग लिया। विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र उभरते मल्टी -डोमेन खतरों को समझना और एक प्रभावी राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचा तैयार करना रहा। प्रश्नोत्तर सत्रों में कई नवीन विचार सामने आए प् ‘सिटीजन वारियर्स ’ की अवधारणा के तहत यह संदेश दिया गया कि हर नागरिक राष्ट्र का ‘गेट कीपर’है। साथ ही मिलिट्री -सिविल फ्यूज़न में मौजूद संस्थागत, तकनीकी और ंचालनात्मक कमियों की पहचान कर सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और नीतिगत सुधार के उपाय सुझाए गए।
