

पाप आचरण से आत्मा की रक्षा करना धर्म है
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर द्वारा आचार्य श्री भिक्षु जन्म त्रिशताब्द्धी समारोह के तहत आयोजित दया : एक विश्लेषण विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुनि कमल कुमार स्वामी ने कहा कि आचार्य श्री भिक्षु के पहले दया का मतलब केवल जीवों को बचाना था। मुनि ने कहा कि आचार्य भिक्षु ने बताया कि जीव जीवे तो दया नही , मरे तो हिंसा मत जाण। मारण वाला ने हिंसा कहीं, ते नही मारण दया ते गुणखान।
