

सांखला और कोटगेट फाटक मामले में भूमि अधिग्रहण होते ही वर्क ऑर्डर होंगे जारी
बॉयोलोजिकल पार्क में निर्माण कार्य जारी,चीता लाने का भी होगा प्रयास
वन विभाग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर करेगा पौध वितरण
बिना तैयारी के बैठक में आए बिजली विभाग के एक्सईएन को नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
बीकानेर। जिला कलेक्टर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में बीडीए कमिश्नर डॉ अपर्णा गुप्ता ने बताया कि हरियालो राजस्थान अभियान के तहत बीडीए कोलोनाइजर्स समेत अन्य के सहयोग से शहर में कुल 1 लाख 65 हजार पौधे लगाएगा। नागणेची रोड़ का विकास बीडीए के द्वारा किया जाएगा। रायसर को लेकर जिला परिषद के द्वारा पर्यटन मुख्यालय को भेजे गए 7 करोड़ रू. के प्रोजेक्ट में बीडीए को कार्य एजेंसी बनाने पर भी सहमति बनी। विदित है कि रायसर में सात करोड़ की लागत से हाई मास्क लाइट, सनसेट व्यू रोड़, लव कुश वाटिका, आर्टिफिशियल तालाब, हैरिटेज पैंटिंग्स, पार्किंग, सोलर लाइट्स, बस स्टैंड, सीसीटीवी कैमरा समेत कई आधारभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। बैठक में बिना तैयारी के आए बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता को नोटिस देने के निर्देश दिए।
नगर निगम की समीक्षा कै दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री मयंक मनीष ने बताया कि महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट का निर्माण सैटेलाइट हॉस्पिटल के पास और भ्रमण पथ पर किया जाएगा। इसके अलावा शहर में मुख्य बाजारों में जहां पर्याप्त जगह नहीं है वहां महिलाओं के लिए टू सीटर, थ्री सीटर टाइप पिंक टॉयलेट का निर्माण करीब आधा दर्जन स्थलों पर किया जाना प्रस्तावित है। नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि जोधपुर से हाइड्रोलिक लैडर मिल गया है लिहाजा शहर में ऊंची ईमारत बनाने को लेकर अब अनुमति मिल सकेगी। रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र इलाके में पांच नंबर रोड़ का डिवाइडर भी नगर निगम के द्वार विकसित किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने बीडीए और नगर निगम को विभिन्न पार्कों में रोहिड़ा का पौधे लगाने के निर्देश भी दिए।
पीडब्ल्यूडी की समीक्षा के दौरान संबधित अधिकारी ने बताया कि सांखला फाटक और कोटगेट फाटक को लेकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के दौरान ही टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही वर्क ऑर्डर तत्काल जारी किए जा सके और कार्य तत्काल शुरू हो जाए। जिला परिषद सीईओ ने सभी विभागाध्यक्षों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी विभाग का कार्य हो अगर वो किसी भी ग्राम पंचायत या पंचायत समिति को पत्र लिखे तो इसकी एक कॉपी जिला परिषद सीईओ को भी आवश्यक रूप से दे ताकि कार्यों की मॉनिटरिंग की जा सके।
