

पहचान की एकरूपता, किसान को मिला अधिकार
बीकानेर। नोखा के गाँव स्वरुपसर में किसान अमेदाराम, नैनूराम व पन्नाराम का नाम उनकी ज़मीन की जमाबंदी में दो बार दर्ज था। एक ही व्यक्ति के लिए दो प्रविष्टियों से न केवल दस्तावेजों में भ्रम पैदा हुआ, बल्कि इन किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ा। जानकारी के अभाव में किसानों को कुछ समय तक इन समस्या के बारे में पता नहीं चला। दरअसल, पूर्व में विरासतन नामांतरण दर्ज होने तथा उसके पश्चात विक्रयनामा का नामांतरण दर्ज होने से इन काश्तकारों के नाम की ऑनलाइन दोहरी प्रविष्टि हो गई थी। कुछ दिन पूर्व अमेदाराम, पटवारी के पास कृषि कार्य से संबंधित जमाबंदी की नकल लेने पहुंचे, तो पटवारी ने उन्हें समस्या के बारे में बताया। साथ ही आगामी दिनों में होने वाले शिविर के दौरान दस्तावेजों को त्रुटिविहीन बनाने का आश्वासन दिया।
