

वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान : जल और पर्यावरण संरक्षण की शपथ,शीतल जल की सुविधा जल संरक्षण मुहिम में भागीदारी का लिया संकल्प
बीकानेर। ’वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ (आरएसएलडीसी) के तहत शनिवार को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के कौशल केंद्रों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने जल और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। जिला कौशल समन्वयक विवेक शर्मा ने बताया कि पुरानी गिन्नाणी और उदासर में संचालित प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षणर्थियों को ’वन्दे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ की जानकारी दी और जल का विवेक पूर्ण उपयोग, वर्षा जल और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल व पर्यावरण संरक्षण, हरियालो राजस्थान के तहत पौधारोपण और इनकी देखभाल, स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त अभियान में सबकी भागीदारी जरूरी है।
इस दौरान दोनों केंद्रों के युवाओं ने जल संरक्षण की शपथ ली। केंद्र प्रभारी मोहित व्यास एवं शिव सैनी ने संकल्प दिलाया और जल के महत्व के बारे में जानकारी दी।
शीतल जल की सुविधा
’वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत जलदाय विभाग द्वारा निर्जला एकादशी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर ’गंगा जल सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान आमजन को शीतल जल सेवा मुहैया करवाने के साथ पेयजल के सदुपयोग के लिए भी प्रेरित किया गया।
विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में पांच तथा ग्रामीण क्षेत्र में एक दर्जन स्थानों पर पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई गई। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार विभाग द्वारा कृषि मंडी, रोडवेज बस स्टैंड, श्रीगंगानगर चौराहा, रेलवे स्टेशन तथा डॉ. करणी सिंह स्टेडियम के पास गंगा जल सेवा संचालित की गई। वहीं खाजूवाला और कोलायत में दो-दो स्थानों पर एवं लूणकरणसर, बज्जू, श्रीडूंगरगढ़, तखतपुर, देशनोक और 6 के केपीएम सहित विभिन्न स्थानों पर जल सेवा कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान आमजन को ’वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान’ की जानकारी दी गई। साथ ही इसकी गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों को भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
जल संरक्षण मुहिम में भागीदारी का लिया संकल्प
बीकानेर। ’वंदे गंगा, जल संरक्षण जल जन अभियान’ के तहत देवस्थान विभाग द्वारा शनिवार को ’जल संरक्षण संगोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इस दौरान देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त श्री गौरव सोनी, मोहता चैरिटेबल ट्रस्ट की प्रबंधक श्रीमती जया, श्री राजेंद्र, श्रीमती सुप्रिया, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजेश लदरेचा, पं. गायत्री प्रसाद शर्मा, देवस्थान विभाग निरीक्षक श्रीमती सोनिया रंगा, किशोर शर्मा, श्री राजेश दाधीच, श्री गोपाल आचार्य, श्री रितेश सहित अनेक लोग मौजूद रहे। इस दौरान सभी ने जल व प्रकृति के संरक्षण के मद्देनजर अपनी प्रतिभागिता का संकल्प लिया। श्री सोनी ने प्रकृति संतुलन की आवश्यकता और महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मरुस्थल के लोग बूंद-बूंद पानी का महत्व समझते हैं। पंद्रह दिन का यह अभियान जल के प्रति चेतना जागृत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस दौरान सभी वक्ताओं ने अपने विचार रखे और जल संरक्षण के लिए सघन स्तर पर अभियान चलाने पर चर्चा की। इसके बाद मोहता धर्मशाला में अतिथियों ने पौधारोपण किया और इसकी देखभाल का संकल्प लिया। साथ ही जल संरक्षण के लिए दूसरों को प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
