

शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों की जड़ों को मजबूत करना आवश्यक
हनुमानगढ़। केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और विश्वविद्यालयों की स्थापना से बात नहीं बनेगी, जीवन मूल्यों की जड़ो को मजबूत करना आवश्यक है, यह कहना था विधानसभा अध्यक्ष प्रो. वासुदेव देवनानी का वे सूरतगढ़ रोड़ स्थित खुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित भवन लोकार्पण एंव प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे प्रो. देवनानी ने कहा कि नई शिक्षा नीति सर्वसम्मति से लागू की गई नीति है। यह विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास और युवा पीढ़ी को ज्ञान परंपरा से जोड़ती है। देवनानी ने कहा कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है और लोग जीवन भर सीखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत और समर्पण छात्रों के भविष्य को आकार देने में काफी मदद करती है। छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे नौकरी मांगने वाले नहीं वरन नौकरी देने वाले बने। उन्होंने ये भी कहा कि छात्रों को भारतीय संस्कृति का वाहक होना चाहिए। देवनानी ने कहा कि बच्चों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। बच्चों को अपना जीवन स्वयं बनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों और घरों में सकारात्मक वातावरण बनाये जाने की आवश्यकता है। बच्चे अपना लक्ष्य तय करें और जो भी कार्य करे वे देश के लिए करें, देश के लिए जीयें और देश के लिए ही कमायें। कार्यक्रम में विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विभिन्न संकायों में अव्वल रहे विद्यार्थियों सहित खेलों में गोल्ड, सिल्वर, ब्रोंज मैडल विजेता रही 50 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
