India

समाज को अधर्म का प्रतिकार करने के लिए तैयार करना होगा

समाज को अधर्म का प्रतिकार करने के लिए तैयार करना होगा
फोंडा, गोवा केवल जप करते रहने से काम नहीं चलेगा । भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था, ‘मेरा स्मरण करो एवं युद्ध करो !’ स्वतंत्रता के पश्चात 70 वर्षों तक अपने देश पर काले अंग्रेजों का शासन था । अपना देश धर्मशाला बन गया है । अब समाज को अधर्म का प्रतिकार करने के लिए तैयार करने की आवश्यकता है । सनातन धर्म के आडे आनेवाले कानूनों में बदलाव करके देश में उचित कानून होने चाहिए, इस पर प्रयास करने की आवश्यकता है । सनातन धर्म के प्रसार का कार्य यह साधना, ईश्वर की उपासना है । हमें अपने व्यक्तित्व की बाजी लगाकर और संगठित होकर परमात्मा की सेवा में स्वयं को समर्पित करना चाहिए । ऐसेमें स्वर्णिम काल दूर नहीं, ऐसा मार्गदर्शन श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष प.पू. स्वामी गोविंद देवगिरी महाराजजीजी ने किया । इस अवसर पर देश-विदेश के 20 हजार से अधिक हिन्दू उपस्थित थे ।प.पू. गोविंददेवगिरीजी महा राज ने आगे कहा, ‘‘सनातन संस्था का संपूर्ण कार्य आध्यात्मिकता की नींव पर खडा है । भारत राष्ट्र को एक समझकर काम कर रहे हैं । भगवद्गीता युद्ध की भूमि पर कहा गया ग्रंथ है । सनातन संस्था ने भी इस ग्रंथ के अनुसार आध्यात्मिकता से युद्ध तक जागृति की है । मैंने इस महोत्सव में युद्धकलाओं का प्रदर्शन देखा । मुझे लगता है कि देश के सभी संतों को अपने शिष्यों को यह सिखाना चाहिए ।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *