

इनटेक और रोटरी क्लब द्वारा एक दिवसीय संगोष्ठि व संवाद
बीकानेर विश्व विरासत दिवस के अवसर पर इनटेक बीकानेर चेप्टर और रोटरी क्लब सुप्रीम के संयुक्त तत्वावधान में एक संगोष्ठि व संवाद रोटरी क्लब सभागार में आयोजित किया गया। संगोष्ठि के समन्वयक और दोनों संस्थाओं के कन्वीनर पृथ्वीराज रतनू ने बताया कि कार्यक्रम समाजसेवी व रोटरी क्लब के पूर्व प्रांतपाल राजेश चूरा , कोषाध्यक्ष मनमोहन कल्याणी , कोलकाता से पधारे जनसम्पर्क अधिकारी श्री हिंगलाज रतनु जी की उास्थिति में हुआ। संयोजक रतनू ने इनटेक के द्वारा धरोहर और संस्कृति के पुनरुथान के लिए किये जा रहे ठोस कार्यों की जानकारी दी। आपने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया की आज विश्व धरोहर दिवस पर यूनेस्को ने भारत के आध्यात्मिक ग्रन्थ गीता और भरत मुनि के नाट्य शास्त्र को विश्व धरोहर में शामिल कर लिया है जो भारतीय साहित्यिक सांस्कृतिक धरोहर को सही पहचान दिलवाने वाली बात है।
इसी क्रम में राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के डॉ. किशनलाल विश्नोई जी ने जाम्बोजी के लोक साहित्य जम्भ वाणी पर अपनी बात कहते हुए राजस्थानी लोक संस्कृति और विरासत को अध्यात्म से जोड़ा। डॉ. मंजू जी ने कहा कि अलवर कीे मत्स्य की मीरा के भक्ति गीत पौराणिक होने के बाद आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा मत्स्य मीरा के भक्ति गीत आज हमारी विरासत है।
राजस्थानी भाषा एवं साहित्य अकादमी के सचिव श्री शरद केवलिया जी ने कहा कि विरासत के विषय पर अभी हमें शिक्षित होना है। शहर के सौन्दर्यकरण से पहले नगर वासियों को सौंदर्य की परिभाषा से अवगत करवाना होगा। इसी क्रम में श्री जगदीश दान रतनु ने दासूड़ी के स्वामी कृष्णानेद सरस्वती द्वारा पर्यावरण के संरक्षण में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. नमामि शंकर आचार्य ने बीकानेर की हवेलियों के क्षीण होने पर चिंता जाहिर की।
रोटरी क्लब के प्रमुख राजेश चूरा ने कहा कि हमें आगामी मीटिंग में प्रशासन के साथ करनी होगी। साथ ही हमें धरातल पर जाकर कार्य करने की भी जरूरत है। अगर कही कोई प्रशासनिक अड़चन है तो हम सामाजिक स्तर पर उसे हल करेंगे, जिसमे सब का साथ अति आवशयक है। श्री मनमोहन कल्याणी जी ने कहा की हवेली के संरक्षण के लिए मध्यस्तता की आवश्यकता है। निजी सम्पति होने के बावजूद भी हवेली बीकानेर की विरासत है ये हवेली के मालिक को समझनी होगी।
