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रिलायंस फाउंडेशन और यूएन इंडिया सम्मेलन में अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत करने पर जोर

समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और डेटा के उपयोग पर विशेष चर्चा
भुज। रिलायंस फाउंडेशन और संयुक्त राष्ट्र भारत द्वारा मंगलवार को भुज के स्मृति वन भूकंप संग्रहालय में आयोजित सम्मेलन में विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
“अर्ली वार्निंग एंड अर्ली एक्शन दृ मल्टी-हैज़र्ड, मल्टी-स्टेकहोल्डर अप्रोच“ विषय पर हुए इस सम्मेलन में गुजरात सहित विभिन्न राज्यों और वैश्विक दक्षिण के देशों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
गुजरात सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयंती एस. रवि ने कहा, “कच्छ ने कई आपदाओं का सामना किया है, लेकिन यहां के लोगों की संकल्प शक्ति प्रेरणादायक है। हमारा लक्ष्य स्मृति वन को मल्टी-हैज़र्ड प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है।“
रिलायंस फाउंडेशन के मुख्य विकास अधिकारी सुदर्शन सुची ने कहा, “समुदायों को सशक्त बनाने के लिए हम प्रौद्योगिकी और डेटा का उपयोग कर रहे हैं। रिलायंस की ’वी केयर’ नीति हमारी आपदा प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है।“
गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीईओ आईएएस अनुपम आनंद ने कहा कि राज्य में प्रभावी समन्वय के कारण आपदाओं में शून्य हताहत सुनिश्चित किए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर शोंबी शार्प ने कहा, “2050 तक 1.2 अरब लोग आपदाओं के कारण विस्थापित हो सकते हैं। जोखिम सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं से नहीं, बल्कि हमारी तैयारी और प्रतिक्रिया से भी जुड़ा है।“ सम्मेलन में सरकारी एजेंसियों, सिविल सोसायटी संगठनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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