

कृषक कल्याण फीस समाप्त करने की रखी मांग
बीकानेर। कोविड काल के समय लगाए गए कृषक कल्याण फीस को समाप्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर बीकानेर अनाज मंडी के व्यापारियों द्वारा किए गए सद्बुद्धि यज्ञ में बीकानेर व्यापार उद्योग मण्डल के अध्यक्ष जुगल राठी ने आहूति देते हुए कहा कि कोविड काल में सरकार द्वारा कृषक कल्याण फीस के नाम पर नया कर लगाया था जो कोविड बीत जाने के बाद भी सरकार निरन्तर ले रही है, जो कि न्यायोचित नही है। इसी कारण प्रदेश की 247 अनाज मंडियों में तथा हजारों की तादाद में कृषि आधारित उद्योगों जैसे दाल मील, तेल मील, आटा मील, गवांरगम मील इत्यादि में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में बीकानेर सहित प्रदेश के थोक व किराणा व्यापारियों तथा आम उपभोक्ताओं पर, किसानों की आय एवं सरकार के राजस्व पर पड़ेगा। थोक व्यापारियों एवं मंडियों के बन्द रहने से आम उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा साथ ही कालाबाजरी, अवैध भण्डारण विसंगतियां की वजह से आम जन में सरकार की छवि धूमिल होगी। सद्बुद्धि यज्ञ के पश्चात बीकानेर व्यापार उद्योग मण्डल के अध्यक्ष जुगल राठी के नेतृत्व में व्यापारियों ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा। बीकानेर कच्ची आड़त व्यापार संघ के अध्यक्ष जय दयाल डूडी, संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष मोती लाल सेठिया, सचिव सीताराम जाखड़, कोषाध्यक्ष विकास बंसल, पूर्व अध्यक्ष जगदीष प्रसाद पेडीवाल, ओम प्रकाष धारणियां ऊन एवं अनाज मंडी के अध्यक्ष राम दयाल सारण, बालेष कूकणा, श्रवण कंस्वा, श्री बीकानेर अनाज कमेटी के अध्यक्ष जय किसन अग्रवाल, उत्तम बांठिया, बृजमोहन अग्रवाल, दाल मील एसोसिएषन के राजकुमार पच्चीसिया, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के महामंत्री रिद्धकरण सेठिया, गोटामील एसोसिएषन के अध्यक्ष भंवर लाल गोरछिया, राम स्वरूप गोदारा, गोविन्द पारीक, राम प्रताप ज्याणी, खारा से प्रकाष सोनावत, मनोज कल्ला, राजू मेहरा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
