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हेरिटेज वॉक के साथ हुआ अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आगाज

बीकानेर। हेरिटेज वॉक के साथ शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आगाज हुआ। लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक आयोजित हुई हैरिटेज वाक में बीकानेर की स्थापत्य कला, व्यंजन और ललित कलाओं के  विविध आकर्षक रंग देखने को मिले। हैरिटेज वॉक में देशी- विदेशी सैलानी, स्थानीय निवासियों सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बीकानेरी रंगों में सरोबार नजर आए।
इस दौरान जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर, निगम आयुक्त मयंक मनीष, बीडीए सचिव अपर्णा गुप्ता, सीईओ सोइनलाल, पर्यटन विभाग के उपनिदेशक अनिल राठौड़, सहायक निदे

शक किशन कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी पवन शर्मा सहित अन्य पुलिस प्रशासन अधिकारियों ने इस वॉक में शिरकत की। इस अवसर पर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कहा कि बीकानेर की ऐतिहासिक विरासत हमारी साझी धरोहर है। इसके रंग पूरी दुनिया में पर्यटन मानचित्र पर बिखेरे हैं। इस उत्सव में आए सभी सैलानियों और स्थानीय प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए जिला कलेक्टर ने उनसे इस संस्कृति का हिस्सा बन कर इसे जीने का आह्वान किया।
लम्बी पगड़ी रहीं आकर्षण का विशेष केन्द्र
 वॉक के दौरान लोक कलाकार पवन व्यास ने 2 हजार 25 फिट लंबी पगड़ी बांध कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान नगाड़ा, मश्क, चंग और बांसुरी वादन एवं भजन गायन की प्रस्तुतियां दी गई। देशी और विदेशी सैलानी मथेरण, बंधेज, पोट्री, सुनहरी कलम और साफा बांधने की कला को करीब से देखा। इस दौरान लोक कलाकार, रोबीले और सजे-धजे ऊंट भी साथ रहे। भांडाशाह जैन मंदिर के पास हरियाणवी रागड़ी की प्रस्तुति दी गई। चूड़ी बाजार में लाख की चूड़ी बनाने, जूती बनाने, चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाने की कला को दर्शाया गया। सब्जी बाजार की ऐतिहासिक चौकी पर आयोजित शहर की ऐतिहासिक रम्मत का सबके आकर्षण का केन्द्र रही।
बीकानेरी स्वाद के लिए चटकारे
प्रतिभागियों ने भुजिया, घेवर और जलेबी बनाने की कला को करीब से देखा और बीकानेरी स्वाद का लुत्फ उठाया। मरूनायक चौक में ब्लॉक और स्क्रीन प्रिंटिंग का प्रदर्शित की गई।
मोहता चौक के बड़े पाटे पर पारम्परिक भोजन बनाने का प्रदर्शन किया गया, जहां प्रतिभागियों को कचौड़ी और रबड़ी खिलाई गई। भपंग वादन का प्रदर्शन भी किया गया।  लोक कलाकारों द्वारा गणगौर के गीत, कठपुतली का खेल दिखाया गया। हैरिटेज के रंगों को करीब से देख कर देशी विदेश पर्यटक रोमांचित नजरर आए। ऐतिहासिक रामपुरिया हवेलियों के पास वॉक का समापन हुआ जहां उस्ता कला, हवेली संगीत और कच्छी घोड़ी नृत्य नाटिका का मनमोहक प्रदर्शन ने प्रतिभागियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
सेल्फी और स्वाद के साथ मिली बीकानेर की अपनायत
अन्तर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव की हैरिटेज वाक में सजे धजे रास्ते और सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के रंगों के बीच सैलानी सेल्फी लेते दिखे। कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने उत्सव में आए सैलानियों का फूल बरसा कर और माला पहनकर स्वागत किया। बीकानेर की इस अपनायत से सैलानी भाव विभोर नजर आए।

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