

21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण का समापन
बीकानेर। वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग द्वारा आई.सी.ए.आर. वित्तपोषित पशुचिकित्सा सर्जरी और डायग्नोस्टिक इमेजिंग में नवीन तकनीकों को फार्म एवं पालतू पशुओं में विभिन्न सर्जिकल परिस्थितियों के प्रबंधन में उपयोग विषय पर 21 दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण सोमवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि वेटरनरी महाविद्यालय के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग द्वारा पशु उपचार की नई-नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस विभाग द्वारा जल्द ही रोबोटिक सर्जरी की यूनिट को स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इस महाविद्यालय की शल्य चिकित्सा की देश के ख्याति प्राप्त अग्रणी महाविद्यालयों की श्रेणी में गिनती की जाती है। प्रो. दीक्षित ने प्रशिक्षणार्थियो को प्रशिक्षण के दौरान सीखे नए कौशल को अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु प्रेरित किया। मुख्य अतिथि पुर्व कुलपति, राजुवास प्रो. ए.के. गहलोत ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुशल मानव संसाधन एवं अत्याधुनिक उपकरण है जो कि इस तरह के दीर्घकालिन प्रशिक्षणों हेतु उपयुक्त है हमें इन संसाधनों को अधिक से अधिक उपयोग कौशल विकास हेतु करना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक अश्व अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर डॉ. एस.सी. मेहता ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए अपने विचार व्यक्त किये।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. राजेश कुमार धूड़िया, निदेशक एच.आर.डी. प्रो. राहुल सिंह पाल, परीक्षा नियन्त्रक प्रो. मनीषा माथुर, फैकल्टी सदस्य, विद्यार्थी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण में डॉ. साकार पालेचा, डॉ. सुरेश झीरवाल, डॉ. अनिल कुमर बिश्नोई, डॉ. महेन्द्र तंवर एवं डॉ. नरेन्द्र सिंह का सहयोग रहा।
